SANKLAN
DINESH GOGARI'S BLOG
SANKLAN
SANKLAN
Sunday, 10 August 2014
अनुराग से भरी होगी शिकायत
दूर क्यों मुझसे रहते हो जब नजदीक हैं हम
फिर लौट आया प्यार का मौसम
रजनीगन्धा सी महकेगी रात जब मुझे आयेगी उसकी याद
चाँदनी को बुलाकर वह पूछेगी
सचमुच करते हैं क्या वे मेरा इंतज़ार
जान कर सच तब बढ़ जायेगी उसके ह्रदय की धड़कन
फिर लौट आया प्यार का मौसम...एक धुन गूँजती रहेगी
मन की अकुलाहट बाँसुरी सी बजती रहेगी
बार-बार दुहराएंगे .........सात जन्मों तक न अब बिछड़ेंगे हम
फिर लौट आया प्यार का मौसम
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Older Post
Home
View mobile version
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment